
कोई दुभाषिया है आपके यहाँ , मैं बहुत जल्दी में अपनें देश से आ रहा हूँ ।
मैं तुम्हारी भाषा खूब समझता हूँ , गुलाम और मालिक को एक दूसरे की भाषा जरूर आनी चाहिये ।
हम रहे होंगे , कभी गुलाम , अब नहीं हैं , समझे ।
काम की बात बताओ । कैसे यहाँ आये ?
आप लोग यहाँ लन्दन में बहुत बड़ा खेल का आयोजन कर रहें हैं सुना है ।
हाँ , हम लोग 27 जुलाई से 12 अगस्त तक ओलम्पिक खेलों का आयोजन कर रहे हैं ।
हमारे यहाँ से भी खिलाड़ी आ रहे हैं ।
लेकिन , तुम्हारे देश के खिलाड़ी , अच्छा नहीं कर पाते हैं ।
हमारे देश के शातिर खिलाड़ी खेल नहीं खेलते , व्यवस्था करते हैं ।
हमारे लन्दन में भी बहुत से लोग हैं जो व्यवस्था में लगे रहते हैं ।
हम भारत से आये हैं , जिस व्यवस्था के बारे में बतानें , आपका दिमाग उसे सोच भी नहीं सकता ।
कौन सी व्यवस्था ?
आपनें सुना तो होगा , कामनवेल्थ गेम का आयोजन हुआ था भारत में सन् 2010 में 3 से 14 अक्टूबर तक ।
सुना तो था , लेकिन उसमें बहुत घोटाला हुआ था , उसके हेड कलमाडी जेल भी गये यह भी सुना है ।
नहीं घोटाला नहीं हुआ था ।
तब क्या हुआ था ?
उनको अकेले गलत फँसाया गया , जबकी रुपया खानें वाले , उनसे भी बड़े मुँह और पेट वाले थे ।
समय कम है , जो कुछ कहना है जल्दी कहो , तुम भारतीय लोग ,मैटर बहुत लम्बा खींच देते हो ।
देखिये , हमारे कलमाडी साहब आजकल खाली है , यदि आपको ओलम्पिक खेल में उनका सहयोग लेना हो -- ।
पूरी दुनिया में बदनाम हैं , हम कैसे अपनें साथ लेंगे उसको ।
दुनिया भर के अपराधी और मौत के फतवा वाले को आपके देश में शरण दिया जाता है , कलमाडी कोई --।
नहीं - नहीं , कलमाडी सब गड़बड़ कर देगा , देश बदनाम होगा सो ऊपर से ।
अरे भाई कलमाडी का चेहरा , किसी जानवर में बदलवा देंगे , कहोगे तो तुम्हारे , डॉग स्कवाएड में ---।
हमारे डॉग स्कवाएड को खराब तो नहीं करेगा , कहीं आतंकवादियों से मिल गये हमारे डॉग्स तब ।
आप लोग उन्हें कुत्तों के साथ रखियेगा तो , मैं गारन्टी नहीं दे सकता ।
तुम कलमाडी को अपनें पास ही रखो , कलमाडी से ज्यादा शातिर हमारे यहाँ हैं ।
कैसे ?
देखो ये माल कितनें का होगा , कलमाडी के अनुसार बताओ ।
तीन हजार डॉलर का होगा ।
सही अनुमान लगाया , लेकिन इसे हमनें दो हजार डॉलर में ले लिया ।
एक हजार डॉलर अपनें पल्ले से दोगे क्या ?
ये दूसरा माल कितनें का होगा , कलमाडी के रेट से बताओ ।
ये दो हजार डॉलर का होगा ।
फिर , तुम्हारा अनुमान एकदम सही है । इसे तुम्हारा कलमाडी कितनें में खरीदता ?
बीस हजार डॉलर में ।
कलमाडी , टुच्चों वाली चोरी की बात सोचता रहा , और जेल गया ।
आप कलमाडी को टुच्चा किस्म का चोर कहते हैं ।
और क्या , वही सामान हम दो हजार डॉलर की जगह , दो लाख डॉलर पर किराये में ले रहें हैं ।
दो हजार का माल दो लाख का , ये बहुत ज्यादा लूट है ।
लेकिन तीन हजार वाला माल भी तो दो हजार में ले रहे हैं , कोई हल्ला करेगा तो तीन का माल दो में लिया बतायेंगे ।
आप लोग तो हमारे देश के लूटेरों से भी ज्यादा शातिर हैं ।
तो समझ गये , हमें कलमाडी की कोई जरुरत नहीं है , चेला गुरु को क्या पढ़ायेगा ।
अगर आपत्ति ना हो तो , अनुरोध करें ।
हाँ - हाँ , कहो ।
कलमाडी साहब को आपके पास कुछ शिक्षा ग्रहण करनें के लिये यहीं बुला लें , यदि आदेश हो तो ।
वॉय नाट , श्योर ।
" कलमाडी साहब को यहीं बुला लेते हैं , उन्हें ओलम्पिक खेलों को देखनें का मौका मिलेगा , और अपनी गलतियों पर विचार और समीक्षा करनें का समय भी मिलेगा । भारत में निकट भविष्य में आयोजित होनें वाले खेलों के आयोजन में सफलता पूर्वक घोटाले को कैसे अंजाम दिया जाये , इस पर गहन परामर्श लिया जायेगा । कलमाडी रहे या दूसरा , यहाँ की शिक्षा सभी के काम आयेगी , आखिर हम गुलाम रहे हैं उनके ।
हल्लो कलमाडी साहब --- फिर जेल में डाल दिये क्या -- इडियट -- इंडियन ।
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