मंगलवार, 17 जुलाई 2012

दिग्गी राजा विभीषण के गेटअप में --।



प्रणाम , दिग्गी बाबू ।
नमस्ते , क्या लल्लन , कहो कैसे आना हुआ ?
हमसे आप राय लिये बिना बोलते हैं और सब गड़बड़ हो जाता है , कौन कहे था मुँह खोलनें को ।
अपनें से मुँह खुल गया , कुछ निकल गया था , क्या ?
निकला तो ऐसा है कि आप के हाथ से , कटोरा तक छिनानें की नौबत आनें वाली है ।
कटोरा बोले तो ।
कटोरा --- वही , दे दो राम , दिला दो राम वाला कटोरा । 
मुझे पता नहीं था कि युवराज के गद्दी पर बैठनें के समय की घोषणा , कुछ पहले कर देनें से , ऐसा असर होगा ।
जहाँ पर देश का सब कुछ हजम करके डकार न लेनें वालों का जमघट हो , वहाँ आप इतनी सी बात नहीं पचा पाये ।
जानते हो , मुझसे साजिश करके बुलवाया गया है , नहीं तो मेरा हाजमा कमजोर थोड़ी था ।
ओसामा को श्रद्धांजलि देनें के लिये भी , कोई आपको जबरदस्ती बुलवाया था , है ना ?
नहीं लल्लन , मैंनें सोचा था कि यू पी के चुनाव में पार्टी को ,  कुछ वोट का फायदा ओसामा के नाम पर हो जायेगा ।
क्या सोचे थे , चुनाव पाकिस्तान या अफगानिस्तान में हो रहा है और देश में सब ओसामा के चेले हैं ?
लल्लन तुम तो कम से कम जख्म ना कुरेदो ।
अब , यू पी और आसाम के बारे में ना समझियेगा कि वह आप की रियासत का हिस्सा है , एम पी तो पहले ही -- ।
देखो लल्लन मैं बहुत साफ दिल वाला हूँ , दो-चार अजगर टाईप के हैं वे सब मेरे खिलाफ सेटिंग करते हैं ।
गधापन करके ,अब तो मैडम के निगाह में भी गिर गये , कितनी बार कहा था , घड़ियाल जैसा मुँह बन्द रखिये ।
मैडम की निगाह में मैं फिर से अच्छा बनना चाहता हूँ , माफी दिलवा दो लल्लन एक बार, दरवाजे पर बैठा रहूँगा -- ।
अनुलोम-प्रतिलोम और कपाल-भाती करिये मैडम के दरवाजे पर या कुक्कुरासन कीजिये ।
कुक्कुरासन बोले तो ---।
ऊपर से नीचे तक के लोग जो मैडम के सामनें करते रहते हैं ।
लेकिन प्राब्लम है , वहाँ गेट पर मन्नू , सिब्बल , चिब्बू  डटे  रहते हैं , मेरे वहाँ जानें पर जोर-जोर से भौंकते हैं ।
आपको हमेशा प्राब्लम रहती है । वे भौंकते ही हैं न , काटते तो नहीं हैं , ना ?
ज्यादा देर तक मैडम के गेट पर खड़ा रहता हूँ तो मोटा वाला काटनें दौड़ता है ।
और आप डर के भाग जाते हैं । अरे, मोटा वाला सबसे डरपोक डागी है ।
कभी-कभी गेट के छेद से झाँकता हूँ तो , वह भी उसी छेद से मुझे देख रहा होता है , मैं और डर जाता हूँ ।
वैसे तो आप जहाँ भी रहेंगे , गन्दगी करेंगे , फिर भी हमारी कुछ नेक सलाह मानियेगा ?
इस समय तो मैं गिरे से गिरे इंसान से भी सलाह लेनें को तैयार हूँ , लल्लन भाई ।
आपसे गिरा इंसान तो अभी देश में दूसरा हमें नज़र नहीं आ रहा है ।
हमसे भी गिरे तमाम लोग हैं जो अभी मैडम के यहाँ मलाई खानें में लगे हैं । हाँ , मुझे जो सलाह दे रहे थे , दो ना ।
अन्ना और बाबा रामदेव का आन्दोलन का भव्य आयोजन हो रहा है , समझे ।
तो , मैं क्या करुँ ?
आप सही वक्त पर लंका से निकाले गये हैं । विभीषण के रोल में आप की जरुरत है ।
कौन विभीषण , रावण का भाई ?
हाँ , आप , उसी काम के लिये ही धरती पर पैदा हुए हैं , जो विभीषण नें किया था ।
मैंनें कभी राम लीला में काम ही नहीं किया है , लल्लन भाई ।
आपको नाटक थोड़ी करना है , सचमुच में वैसा कार्य करना है ।
कैसे ?
आपको , अन्ना और बाबा रामदेव को अपनीं व्यथा सुनानी है , वे तुरन्त आपको अपनें साथ रख लेंगे ।
लेकिन मैडम क्या सोचेंगी मेरे बारे में ?
यही सोचेंगी कि इस कलयुगी विभीषण को पहले ही लात मारकर बाहर क्यों नहीं निकाला था ।
लल्लन भाई , मैं चाहता हूँ कि लंका वाले ,सॉरी , हमारी पार्टी वाले पछतायें कि क्यों हमें लात खिलवाया ।
इसके लिये बाबा और अन्ना को बताना है कि , किसकी क्या औकात है मैडम के सामनें ।
सही कहे लल्लन , बाबा और अन्ना के लोग अक्सर , बिना किसी औकात वाले काँग्रेसी से भी बात कर लेते हैं ।
अन्ना और बाबा को यही बताना है कि मैडम और युवराज के अलावे सब बेकार , बेजुबान रोबोट या पुतले भर हैं ।
मैं तो बताऊँगा ही , लेकिन अन्ना और बाबा के लोग मर्यादा का पालन करनें लगते हैं , यही गलत है ।
ये सारी बातें हमें नहीं, अन्ना और बाबा के लोगों को बताइयेगा ।
जो थोड़ी बहुत जानकारी मुझे है , मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ , लल्लन ।
क्या है बोलिये ।
लंका वाले मेरा मतलब , वे लोग बाबा और अन्ना में दरार पैदा करनें की साजिश में लगे हैं ।
कोई नई जानकारी हो तो बताइये ।
वे लोग लोकपाल बिल पर फिर दांव चलनें की तैयारी में हैं  , ताकि अन्ना भावना में आकर फिर भटक जायें ।
इस बात को भी सब जानते हैं ।
कुछ मीडिया वालों को जनता में गलत फहमी पैदा करनें के लिये तैयार किया गया है ।
जनता इसको भी जानती है । कुछ नया बताइये ना ।
बाबा के आन्दोलन को अन्ना से अलग करनें की रणनीति पर कार्य हो रहा है ।
कोई नई बात नहीं बोल रहे हैं ।
काले धन को वापस लानें का आन्दोलन बलपूर्वक फिर कुचला जायेगा ।
जो बात आप हमसे कहें हैं , वे सारी बातें विभीषण के गेटअप में आप बोलियेगा , अन्ना के मंच से ।
विभीषण को तो ईनाम में लंका का राज मिला था , हमें क्या मिलेगा लल्लन भाई ?
मैं कह नहीं सकता कि आप को राज मिलेगा या नहीं , लेकिन गारन्टी है कि वहाँ आपको लात खानें को नहीं मिलेगा ।

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