सोमवार, 9 जुलाई 2012

टाईम मैगजीन : नई बात तो नहीं कही ।




नाराज हैं  हम लोगों से ?
तुम क्यों आ जाते हो , वक्त बेवक्त , मेरा समय खराब करनें ।
हम टाईम मैगजीन वालों की नासमझी के बारे कहनें आये हैं , पेपर में पढ़ा तो, अपनें को रोक नहीं पाये ।
देखो , मैनें सुना है कि मेरे बारे में सब गलत लिखा है उसमें ।
वही तो कहनें आये हैं , कि आप तो कोई काम किये ही नहीं इतनें सालों में , फिर भी वे आपको नकारा बता रहे हैं ।
वही तो मेंरी समझ में नहीं आ रहा है कि , कैसे मुझे नकारा और दूसरे की राय पर काम करनें वाला बताया है ।
आपके कुशलता पूर्वक और अनुशासन के साथ आदेश पालन को ही वे लोग नकारापन बता रहें हैं ।
देखो , मुझे देश और विदेश में बदनाम करनें की साजिश चल रही है और तुम्हारे जैसे लोग भी उसमें शामिल हैं ।
हम जनता हैं , अपना विचार प्रकट करते हैं , इन सब में दोष आप ही लोगों का है ।
हमारा क्या दोष है , देश को चलाना आसान समझते हो ।
दोष ये है कि , विदेशी लोग कहें कि हमारे बाप का नाम फलां है तो, हमें अपनें बाप पर शक होनें लगता है ।
क्या मतलब तुम्हारा ?
मतलब ये कि , हमारी सारी सोच , हमारी बुद्धि , सब कुछ उनके पास गिरवी रखी है ।
इतना बड़ा देश हम चला रहें हैं , बिना अपनी सोच से ।
अच्छा टाईम मैगजीन वालों नें क्या गलत लिखा है , आप बताइयेगा ।
अभी देखा नहीं हूँ क्या लिखा है , केवल सुना है कि मेरे बारे में गलत टिप्पणी की है ।
पढ़नें की जरुरत नहीं है , पहली बार हम भारत वासियों को गर्व का अनुभव हुआ है ।
मेरे बारे में इतनी बड़ी और विश्व की प्रसिद्ध मैगजीन में कुछ छपा है , मैं जरुर पढ़ूँगा ।
उनके पास कोई मैटर नहीं रहा होगा , सो आपके बारे में लिख दिया । पढ़नें से क्या फायदा ।
अब तो मैं जरुर पढ़ूँगा , क्योंकि तुम मुझे रोक रहे हो पढ़नें से ।
हम किसी दल के नहीं हैं , ठेठ भारतवासी हैं , अपनें देश से प्रेम है , आपके चलते देश कोई कुछ कहे -----।
देखो , मुझे किसी के कहनें , लिखनें की कोई चिन्ता नहीं रहती है । इसलिये जरुर पढ़ूँगा ।
पढ़िये , देखियेगा , उसमें एक भी ऐसी बात नहीं लिखी है जो देश की सारी मैगजीनों में या पेपरों में पहले ना छपी हो ।
क्या , सारी बातों को उन्होनें चुरा कर लिखा है ।
सारी दुनिया को ज्ञान देनें वाले हमारे देश में आपके बारे में जो सात-आठ साल में लिखा गया है उसे ही वे --- ।
तुम्हारा मतलब टाईम पत्रिका का स्तर अब गिर गया है ।
                                 " उनका स्तर गिरा है या नहीं आप बताइयेगा लेकिन हमारे देश के माननीयों का स्तर गिरा नहीं बल्कि जमीन में बहुत गहरे धँस चुका है । 
                                           --- जय ----- हिन्द ----- ।
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