सोमवार, 17 जून 2013

बिहार की राजनीति और लालू ----



  • इधर आप लालू जी के चेहरे को देंखे तो जाहिर होगा कि उनके ख्वाब को झटका लगा है । जिस काँग्रेस के लिये बेचारे नें अपनें सारे सिद्धान्तों को ताक पर रख कर , जय प्रकाश जी के पुरानें शिष्य होनें के बावजूद , काँग्रेस के पीछे चलनें पर मजबूर हुए , वही काँग्रेस आज लालू जी के राजनीतिक बैरी , नीतिश का गुणगान कर रही है, काँग्रेस की पुरानी चाल है , मजबूत को साथ रखो , कमजोर को फेंक दो । 
  • काँग्रेस नें मायावती और मुलायम सिंह जैसे दुश्मनों को CBI का भय दिखाकर अपनें साथ रहनें पर मजबूर किया , उसी प्रकार का काम नीतिश और लालू के साथ काँग्रेस करनें वाली है । लालू जी नें नीतिश के गुप्त कारनामों के बारे में लोगों को बताना शुरु किया , जिसका लाभ लालू जी की जगह काँग्रेस ले गई । काँग्रेस ने हो सकता है नीतिश के बारे में कई ऐसी सूचनाएँ एकत्र कर ली हों जो नीतिश के ईमानदार वाली छवि के विपरीत हों , वरना १७ साल पुरानें गठबन्धन को एक झटके में खत्म करना आसान नहीं होता है । 
  • यह तो सभी जानते हैं कि नेताओं की बहुत से मजबूरी होती है और वह लाख कहे , उसे बहुत से ऐसे फैसले लेनें पड़ते हैं जो सही नहीं होते । नेता कभी बेदाग हो ही नहीं सकता । नीतिश लाख कहें कि मैं ईमानदार नेता हूँ लेकिन क्या एक ईमानदार नेता इस काबिल हो सकता है कि वह चुनाव भी लड़ सके । 

बुधवार, 5 जून 2013

सट्टेबाजी और क्रिकेट - सरकार जुए को वैध क्यों नहीं वैध कर देती ?



  • हम भारतीय लोगों का ऐतिहासिक शौक जुआ खेलना रहा है । महाभारत काल में जो जुआ खेला गया , उसका परिणाम भयानक युद्ध के रुप में सामनें आया । 
  • मनमोहन सिंह को देश का प्रधानमंत्री बनाकर सोनिया नें देशवासियों के साथ जो जुआ खेला उसका नतीजा तमाम घोटालों के रुप में देश के सामनें आया । फिर भी देश की जनता मनमोहन सिंह को झेलनें पर मजबूर है ।
  • नेहरू जी नें चीन के साथ मित्रता करनें और पंचशील के सिद्धान्त पर चलनें का जुआ खेला जिसका परिणाम १९६२ का युद्ध और चीन द्वारा हमारे देश के भूभाग को हड़प लेनें के रुप में सामनें आया , और उस युद्ध में हमारे देश को हार मिली । उसी का परिणाम है कि चीन हमेशा हमारे देश को धमकाता रहता है , और देश के कुछ और हिस्से पर कब्जा करना चाहता है । 
  • पाकिस्तान के साथ हमारे नेता लगातार दोस्ती का जुआ खेल रहे हैं । हर बार हमारे नेता उस जुए में सफलता का भ्रम पाले नया-नया दाँव लगाते हैं लेकिन हर बार मुँह की खानी पड़ती है , क्योंकि पाकिस्तान में , एक नहीं हजारों शकुनी के बाप जैसे मक्कार लोगों की जमात है जो भारत के युधिष्ठिर जैसे नेताओं को मात देनें के फिराक में रहते हैं । हमारे देश के मूर्ख नेता यह मानते हैं कि , पाकिस्तान के सामनें हाथ जोड़कर खड़े रहनें से देश के मुसलमान खुश रहेंगे और वोट देंगे । देश पर होनें वाले जेहादी हमलों के रुप में इसका परिणाम आज हमारे सामनें है ।
  • बात करते हैं देश के क्रिकेट खेल की - यह आज के अरबपतियों व खरबपतियों की कमाई का साधन बन गया है तथा जुआ खेलनें वालों यानि सट्टेबाजों के लिये भी यह उच्चकोटि का खेल बन गया है । चूँकि हम भारतीय पिछले हजार वर्षों से तरह-तरह के जुँए खेल कर देश तक को हार बैठनें का साहस रखते हैं , और जुए में हारना देश की नियति बन चुकी है , इसलिये दूर बैठा कोई डान हम देश वासियों के धन को लूटनें के लिये क्रिकेट के खेल का इस्तेमाल सट्टे यानि जुए के लिये कर रहा है , जिसमें देश के बड़े-बड़े व्यवसायी , खिलाड़ी और नेता लोग शामिल होंगे । 
  • अब समय आ गया है कि देश की जनता , अपनी आवाज बुलन्द करे और सभी प्रकार के जुए , सट्टेबाजी , कुकर्म , दुष्कर्म को वैध घोषित करे , ताकि चोरी-छिपे वैसे काम करनें का अपराध-बोध किसी में ना रहे और कलमाडी , राजा , श्रीसंत और इन जैसे अन्य तमाम नीच लोगों के मन में ग्लानि ना पैदा होनें पाये । इसका परिणाम बड़ा ही सुखद होगा , हर गली मोहल्ले में लोग शान्ति के साथ दांव पर दांव लगाते नजर आयेंगे , पुलिस या कानून का खौफ किसी को नहीं रहेगा । जनता दांव लगानें के लिये पैसा कमानें का प्रयास करेगी जिससे हो सकता है कि देश का और विकास हो सके । अमेरिका जैसे देश के विकास के पीछे यही सोच है , वहाँ सरकार को जैसे ही पता चलता है कि लोग चोरी छिपे कोई काम कर रहे हैं , सरकार उसे वैध घोषित कर देती है जिसके कारण वहाँ के पुलिस वाले केवल हत्या , लूट , डकैती जैसे अपराध करनें वाले अपराधियों को पकड़नें का प्रयास करते हैं , जबकि हमारे देश की पुलिस बड़े अपराधियों को पकड़नें की हिम्मत ही नहीं कर पाती , बल्कि उनके संरक्षण में लगी रहती है । 
  • मनमोहन , नहीं-नहीं सोनिया जी से , जिनके सामनें काँगेस के किसी नेता को कुछ बोलनें का अधिकार नहीं है , अनुरोध है कि वे , लूट-खसोट , घोटाला-भ्रष्टाचार , जुए-सट्टेबाजी , और तमाम ऐसे कार्यों को जिसे हम गलत कार्य या दुष्कर्म-कुकर्म आदि कहते हैं , कानून बनाकर उसे वैधानिक दर्जा प्रदान करवानें की कृपा करें । सोनिया जी इस समय सब कुछ करनें में सक्षम हैं - जैसे मनमोहन को प्रधानमंत्री , शिन्दे को गृहमंत्री , एन्टनी को रक्षा मंत्री और CBI को पंगु बनानें का काम उनकी इच्छा पर हुआ है , वैसे ही ----- -------- ----- । 

 रिकवरी आफ इंडिया   बनाम   डिस्कवरी आफ इंडिया   संसार के अधिकांश इतिहासकारों नें अपनें देश का इतिहास लिखते समय इस बात का ध्यान र...