गुरुवार, 6 जुलाई 2017

ईजरायल से हमें क्या सीखना चाहिये ----



                                         ईजरायल से हमें क्या हासिल करना चाहिये


     ईजरायल की कुल आबादी एक करोंड़ के आस-पास । इंडिया That is Bharat यानि हिन्दुस्तान की कुल आबादी लगभग एक अरब तीस करोंड़ । ईजरायल के पूरे यहूदी देश-भक्त । इंडिया That is Bharat यानि हिन्दुस्तान में कितनें देश-भक्त हैं अनुमान भी नहीं लगा सकते, वैसे दावा है कि 100% भारतीय सच्चे देश-भक्त हैं । भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशा-अल्लाह, इंशा-अल्लाह का नारा देनें वाले भी परम् देश-भक्त की श्रेणी में आते हैं । भारत की बर्बादी के नारे तो महज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कायम रखनें के लिये लगाये जाते हैं । हमारे देश में तो ऐसे-ऐसे भी देश-भक्त हैं जो देश के खिलाफ खुलेआम जंग करनें की बात करते हैं लेकिन वह भी देश-भक्ति की अपनी स्टाईल है । ईजरायल को ऊंगली उठानें वालों के हाथ काटनें का शौक है । हमारे देश में हाथ काटनें वालों को ऊंगली दिखाना भी पाप है । ईजरायल देश-द्रोहियों या अपनें नागरिकों पर हमला करनें वालों को सीधे जन्नत पहुँचानें का काम करता है । इंडिया That is Bharat यानि हिन्दुस्तान में जहाँ कि बहुत बड़ी संख्या में लोग जन्नत की सैर करना चाहते हैं बहुत सुस्ती की जाती है । एक या दो लोगों को बड़ी मुश्किल से जन्नत की सैर पर भेजा जाता है उस पर तमाम देश-भक्त हल्ला करनें लगते हैं । इंडिया That is Bharat यानि हिन्दुस्तान की सरकार को यह समझना चाहिये कि पक्षपात करते हुए केवल एक-दो लोगों को जहन्नुम भेजा जायेगा तो हल्ला होगा ही । इंडिया That is Bharat यानि हिन्दुस्तान में तमाम लोग जन्नत की सैर की ख्वाहिश रखते हैं लेकिन सरकार द्वारा उनकी इस जायज माँग को भी नहीं माना जाता । यदि एक बार में 100-200-400 की संख्या में लोग जन्न भेजें जायें तो कतई हल्ला नहीं होगा । यकीन ना हो तो ईजरायल में देखिये क्या जन्न जानें के लिये वहाँ कोई हल्ला हो रहा है ? नहीं हो रहा है ना । ईजरायल की सरकार तमाम इच्छुक लोगों को समय समय पर जन्न भेजती रहती है । आज हालत यह है कि जन्नत का पासपोर्ट चाहनें वाले कम ही नजर आते हैं । अभी फिलहाल इंडिया That is Bharat यानि हिन्दुस्तान को ईजरायल से केवल यही तकनीकि सखनी है कि कैसे अधिक से अधिक ख्वाहिशमन्द लोगों को जल्दी से जल्दी जन्न की सैर करवाया जाये । देश के तमाम हिस्सों से लोग जन्नत जानें का आवेदन दे चुके हैं । काश्मीर, केरल, बंगाल, आंन्ध्र प्रदेश ही नहीं अन्य कई प्रदेश के लोगों के भी आवेदन-पत्र भी प्रतिक्षा सूची मे डाल दिये गये हैं । यह उचित नहीं है । आशा है मोदी जी ईजरायल से वह तकनीकि जरुर लेकर आयेंगे जिससे हमारे देश में जन्नत भेजनें की रफ्तार तेज की जा सके ।


जय हिन्द – वन्दे मातरम् - भारत माता की जय ।।







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