राहुल गाँधी और पी. एम. की कुर्सी
राहुल गाँधी जी बोले हैं कि यदि उनकी पार्टी उन्नीस में चुनाव जीती तो वह प्रधानमंत्री बन सकते हैं . बी,जे.पी. के एक नेता बोले कि राहुल जी मुंगेरी लाल के हसीन सपनें देखते हैं . मेरे मन में बहुत कौतूहल हुआ कि ये मुंगेरी लाल कौन थे और वे हसीन सपनें ही क्यों देखते थे . सपनें तो सब देखते हैं कोई सोते समय और कोई जागते समय . किसी के सपनें पूरे होते हैं किसी के पूरे नहीं होते .
ये सपनें भी अजीब होते हैं , कभी सपनें में सब कुछ मिलता जाता है और कभी सपनें में सब खोता जाता है सपनें के अनुसार ही हम खुश होते हैं और दुखी होते हैं .
राहुल जी नें प्रधान मंत्री बननें का सपना सोते में देखा है या जगते में यह महत्वपूर्ण नहीं, महत्वपूर्ण यह है कि उन्होंने प्रधान मंत्री बननें का ही सपना क्यों देखा ?
हमारे देश में प्रधानमंत्री बननें का सपना देखनें वाले बहुत हैं . सपना देखनें वालों में कुछ ऐसे भी हैं जो देश के लिए एक दु:स्वप्न से कम नहीं हैं . ममता बनर्जी, सुश्री मायावती, मुलायमसुत अखिलेश यादव, अरविन्द केजरीवाल तक तो गनीमत है लेकिन यदि वैसा कोई सपना लालू जी के पुत्र तेजस्वी जी भी देखे होंगे तो यह निश्चित रूप से हमारे देश के लिए एक बुरी खबर है .
राहुल गाँधी जी को प्रधानमंत्री बनने का सपनें देखनें का पूरा हक है . एक ज्योतिषी जी नें मुझे भी बताया था कि तुम बहुत ऊंचे जाओगे , मैं आज तक ज्योतिषी जी की वाणी के सत्य होने की प्रतीक्षा कर रहा हूँ , हो सकता है ज्योतिषी जी नें मेरे अगले जन्म के भविष्य के बारे में बताया हो .
भगवान करें राहुल जी का सपना सच हो . यदि राहुल जी प्रधानमंत्री बन जायेंगे तो कम से कम उनके ऊपर यह आरोप नहीं लगेगा कि वे हर काम अपनी मम्मी से पूछ कर करते हैं . आपको याद होगा जब बेचारे मनमोहन सिंह सोनिया गाँधी जी के द्वारा देश के प्रधानमंत्री बनाये गये थे तो विपक्ष वाले हल्ला करते थे कि वे बिना सोनिया जी से पूछे या उनकी अनुमति लिए बिना कोई काम नहीं करते थे . एक बार गलती से बेचारे नें अपनें मन से कोई कागज तैयार किया था उसे राहुल जी नें सार्वजनिक रूप से बकवास करार देते हुए फाड़ कर रद्दी की टोकरी में फ़ेंक दिया था .
राहुल गाँधी यदि प्रधान मंत्री बन गये तो हमारे देश का भला होगा या बुरा यह अभी नहीं कहा जा सकता लेकिन लालू यादव अपनें को किंग मेकर जरुर मान लेंगे जो फिलहाल चारा घोटाले के मामले में अभी जेल में हैं. लालू के अलावा , ममता बनर्जी, अखिलेश यादव व मायावती भी यह दावा करेंगे कि उन्होंने राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनानें में मदद की है . इस प्रकार कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक यह दावा करनें वाले बहुत होंगे कि उन्होंने ही राहुल जी को प्रधानमंत्री बनवानें में मदद की है . इस प्रकार के दावेदार अपनें-अपनें अहसानों का टोकरा राहुल जी के सिर पर लाद देंगे जिसे लेकर राहुल जी को लगातार ढोना पड़ेगा .
राहुल गाँधी पर एहसान का टोकरा लादनें वाले अधिकांश वे लोग होंगे जो किसी न किसी तरह से राजनीति के गटर में बैठे हैं और उनके अपनें लोग किसी घोटाले में फंसे हैं या जेल में बन्द हैं . लालू जी रोज भगवान से मनाते होंगे कि अगला लोक सभा चुनाव हो और राहुल जी देश के प्रधानमंत्री बनें और वे जेल से बाहर आ सकें .
राहुल जी प्रधान मंत्री बनना जितना आसान समझ रहें हैं वास्तव में वैसा है नहीं . उनके साथ खड़े दिखायी देनें वाले तमाम नेता आपस में एक दूसरे के प्रबल दुश्मन हैं . अखिलेश और मायावती के बीच 36 का आंकड़ा है लेकिन दोनों ही मोदी जी के हाथों पिट चुके हैं इसलिए एक साथ नजर आते हैं . राहुल गाँधी जिन दलों के लोगों को एक साथ लेकर चलनें और प्रधान मंत्री बननें का सपना देख रहें हैं वह एक अधूरा स्वप्न है जो पूरा नहीं हो पायेगा . राहुल गाँधी को पहले अपनी राजनीतिक ताकत को बढ़ाना चाहिये . वे जिन लोंगो के सहारे सत्ता के शीर्ष पर जाना चाहते हैं वे लोग बेहद अवसरवादी और चालाक लोग हैं . यदि सत्ता में आनें के बाद राहुल जी नें अखिलेश को महत्व दिया तो मायावती नाराज होंगी . परस्पर विरोधी सोच वाले लोगों को एक साथ लाना उसी प्रकार होगा जैसे तराजू पर मेंढकों को रखना .
मैनें तो केवल एक सलाह दी है , बाकी सपनें देखना आप का काम है .