बुधवार, 20 जून 2012

शौचालय ही शौचालय - योजना आयोग


हल्लो ।
कौन बोल रहा है ?
घबराइये नहीं हम वही जनता हैं ।
तुमको ये नम्बर कैसे मिला ?
ई नम्बर , अरे हमरे पास तो वहू नम्बर है , जेपर आपका निर्देश मिलत है ।
क्या काम है ?
कुछ नहीं , सोचा , दिन भर टी वी वाले एक शौचालय को लेकर हल्ला करे हैं , जरा आप से भी पूछ लें ।
मुझे कोई जानकारी नहीं है , इस बारे में ।
हल्ला हो रहा है कि आपके कउनो विभाग है , योजना आयोग ।
हाँ है तो ।
आप ओकर अध्यक्ष हैं शायद , और अहलूवालिया जी आपके नीचे हैं ।
यह भी सही है , तो ?
ओकरे बाथरुम वगैरह के बनावे में सुना है ३५- ४० लाख रु० लगा है , यही मिडिया वाले चिल्लात रहे ।
इसमें कौन सी बड़ी बात है भाई ?
बड़ी बात इ है कि देश के धन के ए तरह से बर्बादी का ठीक है ?
हमारा देश कभी तरक्की नहीं कर सकता , यदि ऐसी घटिया सोच होगी तो ।
क्या इतना पैसा देश का शौचालय में खर्च करके देश में तरक्की हो जाई ?
देखो , हमारा रहन सहन ही हमारे बारे में सब बताता है कि हम तरक्की कर रहे हैं ।
जितने पैसा में आप लोग अपना-अपना शौचालय बनाइयेगा न , उतना में तो ना जानें कितनें गरीब का घर बन जाता ।
तुम आम आदमी हर बात को बस गरीब जनता से जोड़ कर देखनें लगते हो , यही प्राब्लम है ।
योजना आयोग देश का सबसे महत्वपूर्ण विभाग होता है , समझे ।
लेकिन , इ साठ / बासठ साल में केवल योजना ही ना बनाये आप लोग ।
कैसी बात करते हो । देखो बड़े-बड़े नगरों को , कितनी तरक्की हुई है ।
लेकिन तबौ तो किसान आत्म हत्या करते हैं , लोग गरीब हैं बरोजगार हैं ।
हम तो सबको तरक्की करनें का अवसर देते हैं ।
हाँ सही कहा आपनें तबै तो अरबों खरबों का घोटाला सामनें आ रहा है ।
तुम जिस शौचालय में खर्च की बात कर रहे हो , हमारी योजना , सब जगह वैसा ही शौचालय बनानें की है । 
क्या मतलब ? हर आदमी के पास रहे के और खाये के चाहे ना हो  लेकिन शौच के लिये इतना शानदार -- ?
मैं हर आदमी की बात नहीं कर रहा हूँ , जो इसके लायक हैं उनके लिये -----
ओकरे लायक कौन है , आप और हमरे देश के भाग्य विधाता लोग , है न ?
आम आदमी के लिये सुलभ शौचालय बनाया है कि नहीं , जाओ वहाँ ।
एक काम काहे नहीं करते ।
कौन सा काम ?
यही कि देश को आप लोग शौचालय काहे नाहीं घोषित कर देते , गन्दा तो करै दिये हैं ।
ऐसी कोई योजना फिलहाल विचाराधीन नहीं है ।
अहलूवालिया जी के रहते बना लीजिये , नाहीं तो फिर चूक जाइयेगा ।
   जय हिन्द , जय भारत , और जय-जय-जय योजना आयोग ।
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