गुरुवार, 7 जून 2012

  कुकर्म के बिना जिन्दगी ? ना बाबा ना ---                   


 का हो , सिन्धवी साहब , सिन्धु घाटी की सभ्यता जैसे विलुप्त काहे हो गये हैं ?
देखो , अभी  समय खराब चल रहा है ।
केकर ? तुम्हार कि, देश के ?
मैं केवल अपनी बात कह रहा हूँ ।
सही कहे , देश की चिन्ता तू लोगन के हो भी नै  सकत ।
आपसे , मैं कह रहा हूँ , प्लीज , मेरे पास से जाइये ।
अभिइनियो , तुम्हार बल नै गवा ।
ये आप कौन सी भाषा बोल रहें हैं , असभ्यों वाली ।
एका इलाहाबादी भाषा कहत हैं , समझयो के नै , तुम्हरी सभ्यता के कलई तो खुल गयी ।
सब मेरे खिलाफ साजिश थी ।
इ बात जनता के सामनें खड़े होकर काहे नै कहतो , हमसे कहे से कउनो लाभ ---- ।
जाइये प्लीज ।
दो तीन बात पूछे बिना हम तोका छोड़ब नै । मोका मालूम है तोहार औकात अब का है ।
मुझे डरा रहे हो ।
तोहरे टाईप के लोग , पावर जाये के बाद , मरियल कुत्ता अस घूमत हैं , पता है न तोका ।
मुझे गाली दे रहे हो , कुत्ता कह रहे हो ।
तोका मुहावरा भी समझ में नै आवत , कैसे प्रवक्ता के काम करत रहे ?
सही हो या गलत अपनी पार्टी के हित में बोलना , प्रवक्ता का काम है ।
लेकिन बड़ा-बड़ा झूठ तो तुम बोलत रहे , ओ समय ।
प्रवक्ता को झूठ सच नहीं देखना रहता , कहा ना ।
तुमरे करेक्टर पर जो लोग कमेन्ट करे रहे , ओपर तुम कुछ कमेन्ट देवे चाहत हो ।
मुझे उसपर कुछ नहीं कहना ।
हाँ , कहे से कउनो फायदा भी होवे वाला नहीं है , काहे कि तुम्हार करम तो एकदम ओपन ----- सरम नै आवा ?
शर्म कैसी ? हमनें क्या किया ?
सही कहे , सरम हया से आप लोगन का लेना देना ।
देखो , तुम आम आदमी लोग ,बस सुना नहीं कि किसी को अपराधी बना दिया ।
सही कहत हो , असली अपराधी तो जनता लोग है , जो तुम जैसन के बोले के लायक बना देत है ।
तुम क्या सोचते हो , सबसे बड़ा अपराधी मैं ही हूँ ?
मालूम है , तोहरे से बड़े-बड़े खिलाड़ी हैं , लेकिन सबके कारनामा उजागर होवे तब न ।
और कोई तो तोका पूछत नहीं , हम एक बात पूछी तोसे ।
पूछो , लेकिन यही आखिरी प्रश्न होगा तुम्हारा ।
तमाम घोटाला , भ्रष्टाचार , बलात्कार , अउर कुकरम के बाद , तुम लोगन के सुसाइड करे  के मन नै करते ?
इधर चार-पाँच साल से लोग हम जैसों के पीछे पड़े हुए हैं । देश में कुछ गलत नहीं हो रहा ।
हम सुसाइड करे के मंशा के बारे -----
हम क्यों सुसाइड के बारे में सोचे , सुसाइड तो उन्हें करना चाहिये , जो जीवन में कुछ नहीं कर पाते । नमस्कार ।
तो हम जनता को आप की तरफ से मैसेज दे देते हैं कि ---
                 " जो जीवन में कोई कुकर्म न करे या घोटाला आदि में शामिल न हो , ओकर जीवन व्यर्थ
                  है , अउर उ जिये के लायक हो ही नै सकत , अइसे लोग सुसाइड करे के प्लान बनावें ,
                  वरना इ बारे में कउनो कठोर कानून सरकार को बनाना पड़ेगा ।"
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

 

 



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

 रिकवरी आफ इंडिया   बनाम   डिस्कवरी आफ इंडिया   संसार के अधिकांश इतिहासकारों नें अपनें देश का इतिहास लिखते समय इस बात का ध्यान र...