हम आपके विचार से सहमत हैं और पूरा देश भी झेलनें के लिये तैयार है ।
मैंनें तो कोई विचार कई दिन से प्रकट ही नहीं किये ।
आपको देख कर देश के लोग समझ जाते हैं कि आपके नस-नस में क्या चल रहा है ।
देखो मैं इन दिनों राष्ट्रपति के चुनाव में लगा हूँ ।
आप प्रणव दादा के पक्ष में हैं या विपक्ष में ?
मुझसे ऐसे सवाल करनें की हिम्मत कैसे की तुमनें ?
गुर्राइये नहीं , हम उस बारे में नहीं बल्कि कुछ खास विचार आपके साथ शेयर करना चाहते हैं ।
कोई और देश में नहीं मिला , विचार शेयर करनें को ?
देश हित के मैटर पर आम जनता से तो राय विचार नहीं हो सकता ना ।
देश हित के लिये , रामदेव बाबा , अन्ना , और ना जानें कौन-कौन है , फिर तुम मेरे पास क्यों आये ।
मैं जिस देश हित की बात करनें आया हूँ , उसके वे लोग एकदम खिलाफ हैं ।
मैं पहले से जानता था कि वे लोग केवल देश का अहित चाहते हैं , मैडम का भी यही विचार रहता है ।
मैं जिस मैटर को आपके साथ शेयर करनें आया हूँ , उसकी शुरुआत तो आप ही कर दिये ।
हें ---- हें --- , आखिर मैं देश का --------- ?
ठीक कहा ।
हाँ , तुम देश के भले के बारे में ----- ।
हमारे देश की जनता आज तक , अग्रजों के गोरे-गोरे चेहरे को भुला नहीं पायी है ।
तो मैं क्या कर सकता हूँ ?
आपको लम्बा समझाना पड़ता है तब समझ में आता है , मैडम की बात तुरन्त कैसे समझ लेते हैं ।
तुम कहना क्या चाहते हो ?
भले ही वे लोग हमें गोली मारते रहे हों , पेड़ पर लटका देते हों , लेकिन राज करना तो उन्हीं को आता था ।
हम भी यही कोशिश करते हैं कि लोगों को, हमारे शासन और हमारे अँग्रेंज भाइयों के शासन में फर्क ना मालूम हो ।
लेकिन कुछ को छोड़ दिया जाये तो , आप लोग तो कालों में गिनें जाते हैं , देशी ही लगते हैं , चाहे कितना बनें ।
तुम अपना आईडिया, क्यों नहीं बताते ?
मेंरी शर्त है कि उसे आप मैडम तक पहुँचायेंगे , तब मैं बताऊँगा ।
मैडम तक जानें वाला आईडिया होगा तो , उनके आदमी के हाथ पहुँचवा दूँगा ।
क्या कहे , आप सीधे नहीं जा सकते ?
चुप रहो नौकरी से निकलवाना है, क्या ?
ये क्या बक-बक करनें लगे , आप नौकरी में नहीं हैं भाई , आप तो देश ----- ।
सॉरी भूल जाता हूँ , कभी-कभी । जो कह रहे थे , उसे कहो ना ।
पता नहीं , मैडम तक मेरी बात आप पहुँचा पाइयेगा या नहीं , फिर भी सुनिये ।
सुनाओ ।
हम लोग विचार किये हैं कि , इंगलैण्ड की महारानी को , अपनें देश की महारानी घोषित कर दें , और लोकतंत्र को -- ।
जनता तैयार नहीं होगी , और यदि देश में ही आप्शन हो तो ?
देखिये , आप लोग कितना भी क्यों ना हो , डुप्लीकेट नजर आयेंगे , आप लोग अँग्रेज नहीं लगते ।
तुम एकदम मूर्ख हो , जिस चीज को तुम ज्ञानी बनकर हमें पढ़ानें आये हो ना , उसमें हम P.H.D. हैं , समझे ।
मतलब ?
तुमको दिखायी नहीं देता कि देश में लोकतंत्र है या राजतंत्र , महारानी के आदेश का पालन होता है कि नहीं ।
इंगलैण्ड की महारानी का आदेश हमारे यहाँ कहाँ आता है ?
मूर्ख हो , इंलैण्ड की महारानी के अधिकार दिखावटी हैं , मैं वास्तविक महारानी की बात कर रहा हूँ ।
हम तो अभी तक समझ रहे थे कि देश में लोकतंत्र चल रहा है, और देश १९४७ में आज़ाद हो चुका है ।
तुम जनता के दूत ना होते तो -- अभी फेंकवा देता ।
मेंरी जान बख्शी जाये , दुबारा हिम्मत नहीं करुँगा , एक बात की जानकारी दे देते तो मेरा जन्म सफल हो जाता ।
मैंनें सुना है , कि हर राजवंश का नाम होता है , जैसे गुलाम वंश , लोदी वंश , तुगलक वंश , मुगल वंश आदि ।
तो , देश में किस वंश का शासन है यह जानना है , तुम्हें , क्यों ?
जी ---- हाँ --- ।
अभी हम लोग खुद भी सोच में हैं कि , इस राजवंश का नाम क्या रखें , महारानी ही अन्तिम फैसला करेंगी ।
हम दो चार नाम सजेस्ट करें , यदि इजाजत हो तो बतायें जो पहले से पापुलर हैं ।
शर्म नहीं आती , उस बारे में सजेस्ट करते हुए जिसपर फैसला महारानी को लेना है ।
शर्म तो आ रही है लेकिन करें क्या ?
मैं बताता हूँ --
" तुम अपनी जान की कुर्बानी देकर भी लोकतंत्र को देश की सीमा के भीतर मत घुसनें देंना , और जनता से अपील करना कि देश से राजतंत्र का अन्त ना होनें पाये । "
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