अरे अरे , बड़ा हँसे जा रहे हैं , क्या बात है ?
तुम कहाँ से आ गये लल्लन ।
आप इतना जोर से हँस रहे हैं कि आवाज दूसरे देश तक जा रही है ।
जानते हो मैं क्यों हँस रहा हूँ ?
पता होता तो आप के यहाँ काहे आता , हमें तो लगा कि कहीं आप दिमागी ---- ।
सारे देश वालों को पागल कर दूँगा , तुम मेरे दिमाग पर उँगली उठाते हो ।
छोड़िये ना , हँसनें का कारण बताइये ।
देखो ये बीजेपी वाले , उनके साथी और रामदेव वगैरह मुझसे इस्तीफा माँग रहे हैं ।
सच कहें तो , देश की जनता की भी राय यही है ।
तुम और जनता क्या मुझे प्रधानमंत्री बनाये हो ?
हम सभी लोग जानते हैं कि आप को मैडम नें यह कुर्सी दी है ।
तब मैडम की यह कुर्सी है , देश की जनता से या किसी पार्टी से इससे क्या मतलब है ?
लेकिन दुनिया तो यही जानती है कि देश के प्रधानमंत्री आप ही हैं ।
दुनिया क्या जानती है मुझे उससे क्या लेना देना ।
तो आप इस्तीफा नहीं देनें वाले हैं ?
इस्तीफा क्या दुकान का सामान है कि निकाल के दे दिया ?
आप इस्तीफे का एलान कर दीजिये , बस लोग खुश हो जायेंगे ।
देखते नहीं बीजेपी वाले , इसी बात पर हल्ला कर रहे हैं कि इस्तीफा दो ।
ना-ना-ना , बीजेपी वाले चालाकी कर रहे हैं , आप को नहीं पता ?
कैसी चालाकी ?
यही कि वे जानते हैं कि वे लोग इस्तीफा मागेंगे और आप देंगे नहीं , और जनता को वे सब गलत मैसेज देंगे ।
तुम्हारा मतलब वे लोग इस्तीफा माँगनें का नाटक कर रहें हैं ?
सही कह रहें हैं आप , उनकी प्लानिंग है कि आप के रहते हुए आपकी पार्टी स्वतः कमजोर हो जायेगी ।
मैं कैसे अपनी पार्टी को कमजोर कर सकता हूँ , जबकि मेरे पास ना तो हाथ है ना पैर ,ना ही मुँह में जुबान ।
लेकिन , जनता के सामनें तो वे आप पर ही निशाना साधते हैं ।
देखो , वे सचमुच मूर्ख हैं , आज तक कोई खरोंच भी नहीं लगी मुझे , निशाना गलत लगाते हैं , वे लोग ।
मतलब जनता को हम यही मैसेज दे दें कि आप प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दे रहे हैं ।
जनता जानती है कि हम अपनी कुर्सी किसके आदेश से त्याग सकते हैं ?
वह आदेश मैडम से अभी क्यों नहीं ले लेते ?
मैडम को शुभ घड़ी और जनता के मूड के सही होनें का इन्तजार है ।
मान लीजिये अभी आज-कल में आप टपक जायें तब , देश का कौन प्रधान-मंत्री बनेगा ?
मैं टपका हुआ ही हूँ , राहुल बाबा के सिंहासन पर बैठनें तक मुझे फाईनली टपकनें नहीं दिया जायेगा ।
मतलब ये हुआ कि ना तो फाईनली आप टपकियेगा , ना ही सिंहासन खाली कीजियेगा ?
वह सिंहासन राहुल बाबा के लिये होगा , मेरे लिये वह कुर्सी या पद ही कहा जाता है ।
मैं आपके कहनें का मतलब नहीं समझा ?
क्यों कि प्रधानमंत्री के पद पर मेरी नियुक्ति हुई है और राहुल बाबा का उस पर पैतृक अधिकार है ।
मतलब आप अपनी कुर्सी निकट भविष्य में नहीं खाली कर रहे हैं ?
जिस मालिक नें मुझे सिंहासन की देखभाल के लिये नियुक्त किया है उसके आनें तक मैं हटनें वाला नहीं हूँ ।
आप तो कुर्सी और सिंहासन के चक्कर में हमें कन्फ्यूज कर दिये हैं ।
तुम ही नहीं पूरा देश ही कन्फ्यूज है , लेकिन मैं देश को पानी पिलाकर ही कुर्सी से उतरूँगा ।
फिर भी कब तक कुर्सी छोड़नें या इस्तीफा देनें का मन बनाये हैं ?
जब जनता कराह उठे और चिल्लाये कि राहुल बाबा को बुलाओ , तब मैं मैडम के आदेश से ---- ।
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