दरवाजा खोलिये ना , काहे अकेले कमरे में बन्द पड़े हैं ?
दरवाजा नहीं खोलेंगे , जो कहना है , खिड़की से कहो ।
बाहर , कोई देख लिया आपसे बात करते तो ?
फिर तुम चुपके क्यों आते हो ?
आप सबके सामनें सेन्सर्ड बात करते हैं इसलिये , चोरी-चोरी आना पड़ता है ।
क्या पूछना चाहते हो ?
यही की सलमान खुर्शीद नें अपनीं जान कुर्बान करनें को कहा है ।
सुना तो मैनें भी है , इसमें क्या खास है ?
क्योंकि वफादारी में वे सारे टामियों और मोतियों से आगे निकल रहे हैं , आपके लिये खतरा नहीं है ?
मेरे लिये कैसा खतरा , मुझे वफादारी दिखानें की जरुरत ही नहीं पड़ती है ।
फिर भी , मैडम की वफादारी को लेकर कम्पटीशन तो आप लोगों में रहता ही होगा ?
कैसा कम्पटीशन , मैं थका हुआ लगता हूँ लेकिन मौका मिलनें पर ----
हाँ , पार्लियामेंन्ट में आपकी आवाज को मैनें टीवी में सुना था , कमाल की आवाज थी , जर्मन शेफर्ड भी शर्मा जाये ।
और कुछ पूछना है ?
ये केजरीवाल दहाड़ रहा है , जंगल में शेर की तरह , और देश के दामाद वाड्रा जी पर कमेंन्ट कर रहा है ।
मूर्ख है , वो क्या जानें , देश हमारी मलकिन का है , वे उसे बेटा को दें या दामाद को , दर्द उसे क्यों होता है ?
यही बात तो हम चाहते हैं कि आप सार्वजनिक रुप से , इस बात को जनता को समझा दें ।
देश में दहेज देनें की परम्परा है , जिसकी जितनी औकात होगी वह उतना दहेज देगा ही । जलनें वाले जलें ।
वाड्रा जी , के बारे में आपके क्या विचार हैं ?
वाड्रा जी के बारे में कोई विचार प्रकट करनें की हमारी औकात है , क्या ?
क्यों , आपको तो पूरा अधिकार है कुछ भी कहनें का आखिर आप देश के -- ।
देखो आदमी को अपनी औकात में रहना चाहिये , मैं स्वामिनी-भक्त था , हूँ और सदैव रहूँगा , कोई शक ?
ना -- ना --- हमें और देश वालों को आपकी और तमाम टामियों और मोतियों की वफादारी पर कोई शक नहीं है ।
बहुत हो गया अब जाते हो या जोर से भौकूँ ।
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