ए पंडित जी देखो कैसी हलचल हो रही है , लोग क्यों हँस रहे हैं ?
अरे बापू भट्टी आया है ।
ये भट्टी कौन है भाई ।
इसे जसपाल भट्टी कहते थे , धरती पर , कार से जा रहा था , फिर यहाँ आ गया ।
क्या कार समेत आया है ?
नहीं बापू यमदूत लाये हैं , स्वर्ग में उदासी थी , अब हम लोग जी भर कर हँसेंगे ।
मेरे पास ले आओ , पंडित जी ।
मैं खुद ही आ रहा हूँ , बापू ।
आओ , अभी तो तुम धरती के लायक ही थे , क्या जल्दी थी आनें की , भट्टी जी ।
अब मैं क्या कर सकता हूँ , यमराज जी चाहते होंगे कि मैं उन्हें भी कुछ सुनाऊँ ।
धरती का हाल-चाल बताओ , भट्टी जी ।
बापू , धरती का हाल तो नहीं , लेकिन आपके और अपनें देश का हाल जरुर सुनाऊँगा ।
क्या हाल है मेरे देश का , सब ठीक तो है ?
कुछ भी ठीक नहीं है बापू , देश जिनके भरोसे आप छोड़े थे , उनके वंश का शासन अभी तक कायम है।
देखो भट्टी मैंनें किसी के हाथ में देश नहीं सौंपा था ।
लेकिन नाम तो आपका ही बदनाम हो रहा है ।
मेरी बात कोई मानता भी नहीं था । नेहरू भी मुझे घास नहीं डालते थे ।
लेकिन , देश में चारों और आपकी मूर्ति लगायी गई , सड़कों के नाम रखे गये , फोटो लगाई गई ।
अब मुझे मालूम हुआ है , कि वे सारे काम जनता को बेवकूफ बनानें के लिये किये गये थे ।
जानते हैं बापू , ना तो आपकी बात उस समय मानी जाती थी ना अब ही कोई माननें वाला है ।
मुझे सारी जानकारी मिलती रहती है , भट्टी जी ।
बापू जी , देश में इस समय भ्रष्टाचार ,घोटाले और लूट का बाजार गर्म है ।
देश का प्रधान-मंत्री कौन है ?
लोग कहते हैं कि मनमोहन सिंह हैं लेकिन ।
लेकिन क्या ?
वे नाम मात्र के हैं , केवल आदेश पालक हैं ।
किसके ?
नाम नहीं लूँगा , पता नहीं , नर्क आनें पर वह पुलिस वालों के साथ आकर मुझे पकड़ ले तब ?
यहाँ कहाँ पुलिस वाले हैं भाई ?
स्वर्ग में नहीं होंगे बापू , दो चार होंगे भी तो , सन्टिंग में होंगे । असली पुलिस वाले नर्क में हो सकते हैं ।
देखो भट्टी , स्वर्ग में मैं बड़ा बोर होता हूँ , ये चम्पारन के पंडित जी ना रहें तो मुझसे बात करनें वाला भी कोई नहीं है ।
क्यों बापू ? आप तो काँग्रेसियों से घिरे रहते थे , क्या अब वे यहाँ नहीं हैं ?
देखो भट्टी , यहाँ पर ज्यादातर वे लोग हैं जिनका विरोध करते हुए मैंनें नेहरु का साथ दिया था ।
ये कैसे हो सकता है , आप तो सही लोगों का साथ देते थे ?
मुझसे कुछ गल्तियाँ हो गई थीं जिसके कारण मैं नेहरु का विरोध नहीं कर पाता था ।
यहाँ पर कुछ लोग तो होंगे जो आपसे जुड़े थे ?
हाँ राजेन्द्र प्रसाद , लाला लाजपत ,शास्त्री , पंत , पटेल आदि हैं लेकिन वे सब अपनें में मग्न रहते हैं ।
चिन्ता मत करिये बापू अब मैं हूँ ना , आप बोर नहीं होंगे ।
अभी तो तुम आये ही हो , थोड़ा सेटल हो जाओ तब आराम से बैठकर , चर्चा करेंगे ।
बापू , हम धरती पर इस खोज में लगे थे कि नेहरू जी कहाँ पैदा हुए थे ताकि वहाँ कोई समाधि का निर्माण हो सके ।
तुम ऐसी वाहियात खोज में क्यों लगे थे , वे पैदा नहीं हुए थे , अवतार लिये थे , समझे मूर्ख भट्टी ।
वाह बापू वाह , मैं आपके मुख से यही सुनना चाहता था , धन्य हैं आप ।
देखो सब तो ठीक है , किसी के व्यक्तिगत जीवन के बारे में झाँकना उचित नहीं है ।
नेहरू जी से भेंट तो कर सकता हूँ ना बापू ?
वे यहाँ स्वर्ग में नहीं रहते ।
तब कहाँ रहते हैं ? कोई नया जन्म ले लिया क्या ?
अभी से इतनें सवाल मत करो ,भट्टी , ये पंडितजी हैं इनसे पूछ लो वे कहाँ पर रह रहे हैं ।
पंडित जी आप कृपया उनका व उनके परिवार का पता देंगे ?
देखो भट्टी जी , वे अपनें पूरे परिवार के साथ जहाँ पर रह रहे हैं , वहाँ जानें वाले कर्म तुमनें नहीं किये ।
ये तो अन्याय है ,पंडित जी , मैं यमराज जी से शिकायत करूँगा ।
ऐसी गलती मत करना भट्टी जी वरना अगले जन्म में मनमोहन सिंह का डुप्लीकेट बनकर पैदा होगे ।
मेरी दोनों आँखें खोल दी आपनें पंडित जी , चाहे स्ट्रीट डाग बन कर पैदा हूँ या गधा लेकिन , उनके जैसा ना बाबा ना ।
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