गुरुवार, 3 मई 2018

बहुत मस्त है


 बहुत मस्त है 


                  शर्मा जी आज बहुत दिन बाद काफी हाउस का मजा लेनें का मूड बनाकर आये थे . दोपहर का समय था अत: काफी पीनें वाले भी कम थे . ज्यादातर कुर्सियां खाली थीं . शर्मा जी नें कोनें की एक मेज चुनी और कुर्सी पर बैठकर बैरे का इंतजार करनें लगे . बैरा आया लेकिन बगल वाले मेज पर पहले से बैठे एक नवयुवक को काफी दिया और शर्मा जी की और देखे बगैर चला गया . शर्मा जी  उस युवक को लगातार देख रहे थे क्योंकि वह बैठे-बैठे लगातार अपनें मोबाईल फोन से चिपका हुआ था . उस नवयुवक के मोबाईल की घंटी बजी उसका रिंग टोन किसी आधुनिक  गानें का था . 
                     युवक अपनें किसी मित्र से बात कर रहा था . वह बोला - गजब भाई , बहुत मजेदार है , मजा आ गया . हाँ-हाँ क्यों नहीं , तुम भी रहना . हम कई लोग साथ-साथ मस्ती करते हैं , तुम भी मजा लेना . इसमें बुरा क्या है . 
                     शर्मा जी नें अपना  कान  ऊधर ही लगा रखा था , तभी बैरा आकर बोला - साब , हॉट या कोल्ड ? शर्मा जी चौंक कर बोले - एकदम हॉट . बैरे  नें ट्रे में रखी एक काफी का कप उनके सामनें रख दिया . इस दौरान वे उस युवक की बात नहीं सुन सके जिससे वे मन ही मन बैरे पर नाराज भी हुए . 
                          उस युवक की बात आगे बढ़ चुकी थी , वह बोल रहा था - हाँ यार , उसे भी ले लेना आज की रात हम सब मस्ती करेंगे . लेकिन देख कर लेना दूसरी वाली न हो, साली सर पर चढ़ जाती है . हाँ एक दो ले लेना  बाकी  सब मैं ले लूँगा . नहीं यार .  एक से काम चल जाएगा , अबे हम पांच लोग हैं , सबके लिए अलग-अलग थोड़ी चाहिए . दो से काम चल जाएगा . 
                       शर्मा जी को समझ में नहीं आ रहा था कि ये लौंडा किस चीज की बात कर रहा था . वे व्याकुल हो रहे थे . 
                    उस नवयुवक की पुन: आवाज आई , तू चिंता छोड़ न यार , जितना मस्ती करना है कर लो , साला आगे का क्या सोचना . राजेश को तुम कंट्रोल करना वह साला अकेले ही पूरा मजा मारना चाहता है . 
                     शर्मा जी परेशान थे , यह लड़का जरुर बिगड़ा हुआ है . ये अपनें दोस्तों के साथ जरुर किसी गंदे काम के बारे में बात कर रहे हैं . शर्मा जी एक बैक में क्लर्क थे . सोच  रहे थे यह लड़का अपना भविष्य खराब कर रहा है देखने में किसी सभ्य परिवार का लगता है . शर्मा जी अपनी काफी खत्म करनें वाले थे और वह नवयुवक अभी तक केवल एक या दो घूंट काफी ही पी पाया था . शर्मा जी नें सोचा कि इस युवक को समझाते हैं कि वह अपना भविष्य न खराब करे . एक बिन बुलाये गार्जियन की तरह से वे उस नवयुवक से बोले - बेटा, मुझे अपनें पिता की तरह से समझना , तुम किसी अच्छे परिवार से लगते हो , यदि तुम्हें बुरा न लगे तो एक बात पूछें .
नवयुवक बोला - हाँ अंकल बोलिए .
                         शर्मा जी बोले - बेटा , तुम मोबाईल से जो बात कर रहे थे उसे मैं सुन रहा था , मुझे ऐसा लगता है तुम किसी गलत रास्ते पर चल रहे हो , ये दोस्ती यारी सब कोई काम नहीं आनें वाली , दुनिया केवल मतलब की यार है . मुझे ऐसा लगता है तुम्हें किसी नें सही राय नहीं दी है , तुम कम से कम ग्रेजुएट तो जरुर लगते हो , 
                    नवयुवक बोला - जी मैनें एम. टेक . किया है और आप के आशीर्वाद से मैनें टॉप भी किया था . शर्मा जी चौकें - तुम एम.टेक . के टॉपर हो , माफ करना , फिर तुम कोई जॉब  नहीं करते क्या ?
               वह नवयुवक जोर से हंसा और बोला - आजकल जॉब मिलना बहुत कठिन है लेकिन आप के आशीर्वाद से मुझे एक अच्छा जॉब मिल गया है .
                   शर्मा जी को  जोर का झटका लगा , वे संयत होते हुए बोले - प्राईवेट या सरकारी ?
                  नवयुवक बोला - जी अर्द्ध सरकारी समझिये .  मैं आज ही इस जिले में आया हूँ यहाँ हमारे पुराने मित्र हैं  जो आज मुझसे मिलेंगे . मुझे कल ही  अपना नया ऑफिस भी ज्वाइन करना है . 
                  शर्मा जी नें अपनें जीवन में जो अनुभव बटोरा था वह सारा अनुभव आज उस नवयुवक के सामनें फेल हो रहा था .  वे हिम्मत करके बोले - बेटा, जब इतना बता दिया तो ये भी बता दो कि किस जगह  तुम्हे ज्वाइन  करना है . 
                   वह नवयुवक जान गया था कि ये महाशय समाज सुधारक टाईप के हैं . उसनें सहजता से उस कार्य स्थल के बारे में बताया जहाँ उसे कल ज्वाइन करना था . शर्मा जी के माथे पर पसीना आ गया . ये तो उनके ही बैक में ज्वाइन करनें की बात कर रहा है . 
                 शर्मा जी मन ही मन  सोचनें लगे - कहाँ मैं इसके चक्कर में पड़ गया . कल तो हमारे बैंक में नये चीफ मैनेंजर को ज्वाइन करना था . यह नवयुवक तो कहीं से वैसा नहीं लगता , चीफ मैनेजर लोग तो एकदम खूसट किस्म के होते हैं . शर्मा जी मन ही मन पछता रहे थे कि यदि यही नवयुवक  चीफ मेनेजर हुआ तो ---- . तभी वह नवयुवक शर्मा जी के पास आकर बोला - अंकल बहुत खुशी हुई आपसे मिलकर , अब मैं चलता हूँ . शर्मा जी नें उसके सामनें दोनो हाथ जोड़ कर कहा - ठीक है सर . नवयुवक शर्मा जी के आखिरी तीन शब्द नहीं सुन सका और चला गया . 

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