शनिवार, 26 मई 2012

भारत बचाओ -- भइया --- भारत बचाओ --

फिर आ गये ?
सोचा आप से बात करके टाईम पास हो जायेगा और एक मैसेज भी देना है ।
क्या ?
उ रैली करे जा रही हैं ।
कौन ?
वही अंगारा जैसा जो बोलती हैं , छुक-छुक मंत्री रहीं कुछ दिन पहले ।
परमिशन दिया गया है उन्हें रैली करनें का ।
आप दिये हैं का परमिशन  ?
और क्या, कोई हमारे खिलाफ थोड़ी है वह रैली ।
हल्ला तो खूब हो रहा है कि आप लोग जनता को त्रस्त किये है और पेट्रोल-----
अरे भाई , अपना इमेज ठीक करनें के लिये मसाला चाहिये ।
मसाला ?
और क्या , हमारा विरोध करके तमाम पार्टियाँ  जीतती हैं कि नहीं ?
जीतती तो हैं ।
लेकिन उनमें से कितनी पार्टियाँ हमारे गठबंधन में हैं मालूम है ।
हाँ ,सही कह रहे हैं , आप को गाली देनें वाले भी आपै के साथ हैं , लेकिन इ कैसे ?
देखा तुमनें हमारे एक छोटे से नेता नें कहा है कि ---- हिम्मत हो तो समर्थन वापस लेकर दिखायें ।
हाँ बोला तो है , एकदम साफ, पूर्व  छुक-छुक मंत्री के लिये । तो ।
तो क्या , तमाम पार्टी के सर्वोच्च नेता ऐसे थोड़े ही -----
मतलब ?
मतलब साफ है , सबके काले करनामों का चिट्ठा मैडम के पास है, जो ज्यादा बोला कि ----
क्या होगा अगर वे कुछ बोले तो ?
जेल जायेंगे , सीबीआई जाँच शुरू हो जायेगी , मुकदमा चलेगा , फजीहत होगी, समझे ।
यानि घुमा फिराकर,
         " हमारा देश आप लोगों और उन जैसे नेताओं के चलते १९४७ के पहले
            की अवस्था में जा चुका है , और जनता के बीच हकड़नें वाले नेता वहाँ
            उनके सामनें आप की तरह ही हाथ जोड़े , दाँत निपोरे , कटोरा लिये खड़े
             रहते हैं , और हम जनता -------??????
                          भारत बचाओ --- भइया --- भारत बचाओ । 
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------







  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

 रिकवरी आफ इंडिया   बनाम   डिस्कवरी आफ इंडिया   संसार के अधिकांश इतिहासकारों नें अपनें देश का इतिहास लिखते समय इस बात का ध्यान र...