करैला नीम चढ़ा
चौराहे
पर छेदी
लाल से भेंट हो गई वे आज बहुत
भन्नाये हुए थे .
मैनें
उनके भन्नानें का कारण जानना
चाहा .
मैनें
पूछा कोई अंतर्राष्ट्रीय
स्तर का मामला है क्या ?
वर्ल्ड
वार तीन तो लगता है अब नहीं
होगा क्योंकि ट्रम्प और सनकी
तानाशाह आपस में बात करनें
पर राजी हो गये हैं .
छेदी
लाल कुपित होकर मुझसे बोले -
भाड़
में जाये वर्ल्ड वार तीन ,
एक
तो उ खुद करैला हैं ऊपर से सब
उन्हें नीम के पेड़ पर चढ़ाये
जा रहे हैं .
कुछ
तो दिमाग होए चाही .
आप
केकरी बात का रहे हैं ,
मैनें
पूछा .
वे
बोले -
एक
तो पता नहीं कौन उनका खाट सभा
करे के सलाह दिए रहा कि खटिया
खड़ी हो गई और अब जो कुछ बचा रहा
वह सुप्रीम कोर्ट के जज के
खिलाफ महाभियोग चलावे से खत्म
हो जाई .
अब
समझ में आवा हम केकरी बात कर
रहे हैं .
मामला
राष्ट्रीय स्तर का था,
इसलिए
मुझे राहत मिली .
मैंने
सवाल दागा -
तो
इसमें बुराई क्या है?
कोर्ट
कचेहरी में तो लोग अपनें खिलाफ
फैसला होनें पर या खिलाफ फैसला
होनें की आशंका में जज के खिलाफ
दरख्वास्त तो देते ही हैं .
छेदी
लाल बोले -
इहाँ
मामला दूसर है चौबे जी ,
राम
जेठ मलानी जैसा वकील भी बोले
है कि ई सब फालतू के काम है .
ई
सब करे से जनता में गलत मैसेज
जाइगा कि राम मन्दिर और अन्य
मामला के लटकावे के लिए ई सब
पैंतरे बाजी की गई है .
कपिल
सिब्बल उनका ले डूबी .
छेदी
लाल की बॉडी का टेम्प्रेचर
बढ़ते देख उनको एक
अत्यंत उत्सुक
श्रोता के हवाले कर मैं वहाँ
से सरक लिया .
देश
में और कुछ हो या ना हो हम जनता
को बहस का एक मुद्दा चाहिये
तथा टी.वी.
वालों
को ब्रेकिंग न्यूज़ का मसाला
.
ये
सब अब थोक के भाव में उपलब्ध
है .